-
491
छात्र:
-
510
छात्राएं -
39
कर्मचारीशैक्षिक: 36
गैर शैक्षिक: 5
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएमश्री केवी जीसी सीआरपीएफ पिंजौर, सीआरपीएफ कैंपस, पिंजौर-134104 के.वी. के बारे में संक्षिप्त विवरण के.वी. के उद्घाटन की तिथि 1997 उच्चतम कक्षा XII (विज्ञान, मानविकी और वाणिज्य) प्रत्येक कक्षा 02(I से X) 03(XI और XII) के लिए स्वीकृत अनुभागों की संख्या सेक्टर पैरामिलिट्री जिला पंचकुला राज्य हरियाणा
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा के एक आम कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और पैरा-सैन्य कर्मियों सहित हस्तांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए; उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए; केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की राष्ट्रीय संस्था जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए; केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री चंद्रशेखर आज़ाद
उपायुक्त
संदेश तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वही कर्म है जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म परिश्रमरूप है तथा अन्य विद्यायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि-मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ, दुराचरण, निर्बलता, दीनता व हीनता, रोग, शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्रीविष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए । विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होता है इसलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है। आइये, हम सभी अनुशासित होकर, समर्पण भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें। अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप में प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें। हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं:- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यम करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये, इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें । मैं, गुरुग्राम संभाग के समस्त प्राचार्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ और एक सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ
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ललित कुमार
प्राचार्य
अच्छी शिक्षा बेहतर भविष्य की नींव है। केवी जीसी सीआरपीएफ, पिंजौर का उद्देश्य छात्रों को न केवल अकादमिक उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है, बल्कि उन्हें आजीवन सीखने वाले, महत्वपूर्ण विचारक और हमेशा बदलते समाज के उत्पादक सदस्य बनने के लिए प्रेरित और सशक्त बनाना है। स्कूल प्रत्येक बच्चे को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और स्वतंत्र नागरिक में बदलने के लिए शैक्षिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों का एक मिश्रण प्रदान करता है। समर्पित, कड़ी मेहनत करने वाले और गतिशील शिक्षकों की एक टीम समग्र और छात्र-केंद्रित शिक्षण वातावरण में सीखने को एक सुखद और लंबे समय तक चलने वाला अनुभव बनाने के लिए हर संभव प्रयास करती है। हमारी वेबसाइट नीतियों और नियमों से परिचित कराने के साथ-साथ स्कूल में आयोजित विभिन्न पाठ्यचर्या और पाठ्येतर गतिविधियों की एक झलक प्रदान करती है। आशा है आप सभी को हमारी वेबसाइट पर आने में आनंद आएगा। हमारे सभी छात्रों को सीखने की सुखद और सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं।
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मार्गदर्शन आमतौर पर परामर्श या अन्य समस्या-समाधान के माध्यम से किसी का
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विद्यांजलि स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है
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राष्ट्रीय खेल दिवस
राष्ट्रीय खेल दिवस
29-8-2026 को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया।
30-09-2026
वार्षिक निरीक्षण के दौरान स्टाफ़ की फ़ोटो
30/09/2026
श्रीमती अर्चना जायसवाल, ए सी केवीएस आरओ गुरूग्राम द्वारा वार्षिक निरीक्षण
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
CPD पर वर्कशॉप
03/09/2026
पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय पिंजौर में 'लैंग्वेज अक्रॉस करिकुलम' (पाठ्यक्रम में भाषा) विषय पर CPD क्लास PGT इंग्लिश, श्रीमती मेघा द्वारा ली गई।
मेधावी विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2022-23
उपस्थित 69 उतीर्ण 68
वर्ष 2023-24
उपस्थित 54 उतीर्ण 54
वर्ष 2024-25
उपस्थित 62 उतीर्ण 62
वर्ष 2025-26
उपस्थित 75 उतीर्ण 75
वर्ष 2022-23
उपस्थित 113 उतीर्ण 109
वर्ष 2023-24
उपस्थित 70 उतीर्ण 70
वर्ष 2024-25
उपस्थित 78 उतीर्ण 78
वर्ष 2025-26
उपस्थित 73 उतीर्ण 73